आदिवासी दिवस की हुंकार

“गोविंद गुरु की पुकार पर उस पावन धरा पर तीन से चार लाख लोग इकट्ठे हुए और उनकी हुंकार की धमक रियासत की सीमाओं को पार करते हुए अंग्रेजों तक पहुंँच गई।”आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासियों के महान समाज सुधारक गोविंद गुरु को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की एक विशेष झाँकी प्रस्तुत करते हुए ये लेख।

देवों के देव महादेव

महाशिवरात्रि पर देवाधिदेव महादेव की स्तुति समस्त प्रकृति को सुवासित करे, इसी मंगल कामना के साथ हर हर महादेव!

श्रीमद्भागवतगीता का आध्यात्मिक महत्व

गीता के अनुसार योग और सत्कर्म मुक्ति में सहायक है भक्ति से भी मोक्ष प्राप्त हो सकता है इन सभी साधनों के मूल में स्वार्थ रहित कर्म सर्वोपरि है।

वरलक्ष्मी व्रतकथा

श्रावण मास की शोभा से संपूर्ण शिवालय जगमग था। कार्तिकेय और विनायक शिव के समीप बैठ इस अद्भुत रस से सराबोर हो रहे थे। मस्तक पर स्थापित माँ गंगा शीतल मंद स्मित लिए शिवमय हो रही थीं। प्रकृति ने भी स्वयं शिवस्वरूप रमा लिया था कि तभी माता पार्वती का प्रवेश होता है।

Tulsidas

अपने-अपने राम

कथा प्रसंग जुड़ते रहेंगे, माध्यम परिवर्तित होते रहेंगे परंतु राम त्रेता से कलयुग के ‘आदिपुरुष’ थे,हैं और रहेंगे। गरिमा तिवारी बता रही हैं आपने, उनके और हमारे राम की भक्ति कथा।

अनाम कला का रहस्य- भाग-३

आधुनिक पश्चिम में कला ‘व्यक्ति’ और ‘व्यक्तिगत नवीनता’ पर टिकी हुई है। इसे केवल व्यक्ति के नाम से ही जाना जाता है। आधुनिक कला में कलाकार ही सर्वोच्च है।

अनाम कला का रहस्य- भाग-२

जिन अद्भुत हाथों ने अप्रतिम एलोरा, कांचीपुरम, खजुराहो, कोणार्क या मोढ़ेरा को रचा है, हमें उनके नाम ज्ञात हैं?

अनाम कला का रहस्य- भाग-१

क्या आपने कभी जानने की चेष्टा की कि मूर्ति पर कलाकार के हस्ताक्षर कहाँ है? मंदिर पर वास्तुकार का नाम कहाँ है? कला में स्थित कलाकार कहाँ है? ये कुछ अज्ञात से प्रश्न हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता- एक दृष्टिकोण

मानव सृष्टि के आदि में भगवान श्री कृष्ण के श्री मुख से नि:सृत अविनाशी योग अर्थात श्रीमद्भगवद्गीता जिसकी विस्तृत व्याख्या वेद और उपनिषद में है, उसी आदिशास्त्र को भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के प्रति पुनः प्रकाशित किया।

शुभ दीपावली की कहानी

स्वयं दीप बनें

आइए ! इस दीपोत्सव की शुभ बेला में हम भी जलते दीपक के समान इन संदेशों को धारण कर अपने जीवन को अनंत प्रकाश से भर आनंद के सागर में अवगमन करें और अपने संपूर्ण व्यक्तित्व को राष्ट्रहित में समर्पित करें।

हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य का इतिहास, एवं हिंदी भाषा का उद्भव, प्रदेश, उपभाषाएं इत्यादि के बारे में इस लेख में पढिए।