श्राद्ध

इस बार आप “श्राद्ध” दक्षिण पूर्व एशिया को जोड़ने वाली एक अद्भुत परंपरा के बारे पढ़ेंगे

ज्ञानवापी और काशी

पहली उस सन्ध्या में जब श्रीविहीन मन्दिर में सन्ध्या आरती नहीं हुई होगी तब उस रात काशी में क्या किसी के गले में निवाला उतरा होगा ? पहली उस सुबह जब प्रतिदिन दर्शन पूजन करने वाले भक्तों ने बाबा को नहीं पाया होगा तब क्या उन्हें घर लौटने का रास्ता याद रहा होगा ?
पढ़िए, ज्ञानव्यापी का सच